Sunday, August 24, 2008

प्रीत का गीत [राधा -कृष्ण ]

राधा कृष्णा को पल पल पुकारे
यादो के पल वो लगते हैं प्यारे
झुकी झुकी यह पलके. अब क्यूँ है छलके.
जब कृष्णा भी राधा- राधा पुकारे...


मन से मन का मेल यही है ,प्रीत ऐसे ही दिल में पले
राधा ने जब कृष्ण को देखा ,आँखो में सौ दीप जले...

पंक्तियाँ बहुत पहले मथुरा में कहीं दिवार पर लिखी पढ़ी थी और तभी एक कविता लिखी थी इन्ही पंक्तियों को सोच कर ।राधा कृष्ण का प्रेम आज भी हर दिल में एक उजाला भर देता है


मन से मन का मेल यही है ,प्रीत ऐसे ही दिल में पले
राधा ने जब कृष्ण को देखा ,आँखो में सौ दीप जले
होंठो पर ठहरी बातो को, नयनो की भाषा मिले

यूँ ही आँखो आँखो में प्यार की दास्तान बढे
राधा ने जब कृष्ण को देखा दिल में प्रीत के कमल खिले

सुन बंसी की लय कृष्णा की, राधा के दिल का फूल खिले
तेरे मेरे प्यार का गीत बस वैसे प्रीत की डगर चले
राधा ने जब कृष्ण को देखा संगीत प्यार का दिल में पाले

जिस एक राग को जल उठाते दोनो दिलो के दीपक
आज अपने मधुर मिलन में उसी राग का दौर चले

प्यास जो देखी थी उस दिन तेरे मीठे लबो पर
वही मीठी मीठी प्यास अब मेरे दिल में भी पाले
राधा ने जब कृष्णा को देखा मन में सौ दीप जले!!

२६ अगस्त २००६

17 comments:

महेंद्र मिश्रा said...

जिस एक राग को जल उठाते दोनो दिलो के दीपक
आज अपने मधुर मिलन में उसी राग का दौर चले
janamashtmi ke avasar par badhiya rachana ke liye dhanyawaad. janmashtmi ki shubhakamana .

अभिषेक ओझा said...

राधा कृष्ण का नाम ही दिमाग में बत्ती जला देता है !
जन्माष्टमी के दिन अच्छी प्रस्तुति ! हमारी एक पुरानी मेहनत भरी पोस्ट पढियेगा कभी समय मिले तो: http://ojha-uwaach.blogspot.com/2007/02/blog-post_28.html

आभा said...

अति सुन्दर प्रेम गीत .राधा ने जब कृष्ण को देखा मन में सौ सौ दीप जले...

दिनेशराय द्विवेदी said...

सुंदर।

विनय प्रजापति 'नज़र' said...

सुन्दर गीत की रचना के लिए बधाई, शायद लगान के गीत से प्रेरित होकर लिखी गयी है! पर सुन्दर!

pallavi trivedi said...

bahut sundar prem geet likha hai aapne...janmashtmi ke avsar par padhkar aanand doguna ho gaya.

रश्मि प्रभा said...

radha,krishn ke nishchal anuraag ki achhi bhent di,
bahut sundar

शोभा said...

प्यास जो देखी थी उस दिन तेरे मीठे लबो पर
वही मीठी मीठी प्यास अब मेरे दिल में भी पाले
राधा ने जब कृष्णा को देखा मन में सौ दीप जले!!

बहुत सुन्दर लिखा है।

नीरज गोस्वामी said...

अति सुंदर रचना...राधा कृष्ण के प्रेम में आकंठ डूबी हुईं...वाह...
नीरज

seema gupta said...

प्यास जो देखी थी उस दिन तेरे मीठे लबो पर
वही मीठी मीठी प्यास अब मेरे दिल में भी पाले
राधा ने जब कृष्णा को देखा मन में सौ दीप जले!!

" very beautiful composition"

Regards

अनुराग said...

आहा लगता है कल जनाम्ष्ट्मी आपने मन से मनाई है..

Mrs. Asha Joglekar said...

Bahut suner

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

सुन्दर रचना!

रंजन गोरखपुरी said...

प्रेम में रची बसी रचना! मन प्रेमानंदित हो गया!! अति सुंदर...

alkesh said...

anaayas hi yah bahut sundar kavita dekhee aur man ko chhoo gai. bahut komal bhavnaao ko bahut komal shabd diye aapne. har pankti preet ke raag par saraabor hai. thanks
alkesh

Sudhir Rawani said...

बहुतही सुनदर

Unknown said...

श्रीराधे