MERE KAAVY SANGRAH

KUCH MERI KALAM SE

कुछ मेरी कलम से
SAYA
साया
)
PAGDANDIYAN 

 GULMOHAR (गुलमोहर )

BLAARK (ब्लार्क )

APNI APNI DHARTI (अपनी अपनी धरती )
STRI HO KE SAWAL KARTI HAI
( स्त्री हो कर सवाल करती है )
THUIN GUNJ (तुहिन गूंज )

SIRF TUM (सिर्फ तुम )
NAARI VIMARSH KE ARTH (नारी विमर्श के अर्थ )

PUSHP PAANKHURI (पुष्प -पाँखुरी )
साया मेरा प्रथम काव्य संग्रह है | इस में मेरी लिखी कुछ रचनाये हैं जो ज़िन्दगी के बेहद करीब हैं ..इस में ज़िन्दगी के हर रंग की छांव धूप हैं.
कुछ मेरी कलम से दूसरा पर बहुत पसंद किया गया 
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