Wednesday, August 27, 2008

महिला साहित्यकार पर केंद्रित है इस बार का दिल्ली पुस्तक मेला ..


पुस्तक मेला यानी पुस्तकों से प्यार करने वालो के लिए काबा। जी हाँ दिल्ली में जब यह लगता है तो तब वहाँ उमड़ी भीड़ को देख कर लगता ही नहीं है कि पुस्तकों के प्रति अब भी लोगों का रुझान घट रहा है। पुस्तकें पढ़ने वाले बेसब्री से इस मेले का इन्तजार करते हैं। विश्व पुस्तक मेला फरवरी में आयोजित किया गया था ...अब बारी है दिल्ली पुस्तक मेले की। इस बार यह दिल्ली पुस्तक मेला ख़ास रहेगा, क्योंकि यह इस बार ''महिला साहित्यकार पर केंद्रित है।'' लेखन के क्षेत्र में महिलाओं को भागीदारी कम नही आँकी जा सकती। इसको और बढावा देने लिए ''फेडरेशन आफ इंडियन पब्लिशर्स'' ने महिला साहित्यकारों पर यह मेला आयोजित किया है। यह मेला प्रगति मैदान में ३० अगस्त से ७ सितम्बर तक चलेगा।

इस नौ दिवसीय मेले में इस बार करीब तीन सौ भारतीय प्रकाशकों के अलावा पाकिस्तान, अमेरिका, चीन, स्पेन, दुबई एवं ईरान जैसे कई देशों के प्रकाशक भी भाग लेंगे। आईटीपीओ व एफआईपी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह मेला हॉल नं. 8, 9, 10, 11, 12 और 12 ए में आयोजित किया जाएगा।

इस बार पुस्तक मेले में स्टॉल भी पहले से अधिक हैं। पिछले वर्ष करीब 224 प्रकाशकों ने भाग लिया था, इस साल यह संख्या उससे बहुत अधिक है। मेले में साहित्य के साथ कला-संस्कृति का भी अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इसके अतिरिक्त नए टाइटलों में साहित्यिक के साथ गैरसाहित्यिक किताबें भी होंगी। हाल नं. 8 में महिला मंडप में जानी-मानी महिला लेखिकाओं की पुस्तकें ही नहीं, उनके चित्र व आत्मवृत्त भी उपलब्ध होंगे।

पुस्तक मेला लगभग 5600 वर्ग मीटर जगह में लगाया जा रहा है। इसका समय प्रात: 10 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा।। इसका प्रवेश शुल्क 5 रुपये प्रति बच्चा एवं 10 रुपये प्रति वयस्क है। समूह में आने पर छात्रों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। 1 से 7 सितंबर तक हॉल नं. 7 में स्टेशनरी मेला भी आयोजित किया जाएगा।


इस मेले का शुभारंभ उपराष्ट्रपति' हामिद अंसारी" करेंगे। फेडरेशन के उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार ने बताया कि लेखन के क्षेत्र में महिलाओं की अहम् भूमिका होती है,समाज की धुरी पर महिलाओं की बराबर की साझेदारी है। वे भावुक होती हैं इसलिए साहित्य में मन की संवेदनाओं का और स्त्री मन का चित्रण वह बहुत सहज भाव से कर लेती हैं। भूमंडलीय करण के दौर में महिलाओं ने तमाम संकटों के बावजूद एक ऐसा मुकाम हासिल किया है,जिस पर गर्व किया जा सकता है । तो ३० अगस्त से ७ सितम्बर तक सभी पुस्तक प्रेमी इस मेले को देखना और पुस्तकों की दुनिया में कुछ पल बिताना न भूलें।

Post a Comment