Friday, June 28, 2013

यह ज़रूरी तो नही ....


ज़िंदगी रोज़ गुजरती है
सवालो की तरह
हर बात का दे हम जवाब
यह
ज़रूरी तो नही ....

कर जाते हैं चाहने वाले भी कभी कभी बेवफ़ाई
हम भी कर जाए
तुझसे
कुछ ऐसा यह ज़रूरी तो नही

किस तरह मुकमल हो रहा है ज़िंदगी का सफ़र
और कितना पाया है हमने दर्द तुम्हे बता दे यह ज़रूरी तो नही

दिखाते हैं अपने चेहरे पर हँसी हर वक़्त हम तुम्हे
पर इसके पीछे छिपी उदासी भी दिखा दे
 
यह ज़रूरी तो नही

इस तरह तो हम कभी कमज़ोर ना थे ज़िंदगी में
पर तेरे कंधो पर
अपना सिर रख के रो दे यह ज़रूरी तो नही????

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