Wednesday, December 12, 2012

ख्वाइश एक छोटी सी

तुम्हे सुना देंगे
अपने दिल की हर बात यूँ ही
शायद कुछ दर्द
थम भी जायेगा
पर कैसे मिटा पायेंगे
इस  रूह के जख्म
:
:
बस एक छोटी सी ख्वाइश है .........
दिल चाहता है कि..

तेरा कन्धा मिले तो
जी भर के रो सकूँ मैं सिर्फ़ एक बार ....

24 comments:

yashoda agrawal said...

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 15/12/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

Reena Maurya said...

कोमल भाव लिए
प्यारी रचना..
:-)

सदा said...

वाह ... बेहतरीन अभिव्‍यक्ति

सादर

Khare A said...

bahut najuk si nano!

beautifull!

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत प्यारी कविता रंजू...

प्रवीण पाण्डेय said...

और क्या चाहे कोई भला।

sushma 'आहुति' said...

तेरा कन्धा मिले तो
जी भर के रो सकूँ मैं सिर्फ़ एक बार ....bhaut hi khubsurat khwaish hai....

Maheshwari kaneri said...

बहुत सुन्दर..

हिंदी चिट्ठा संकलक said...

सादर निमंत्रण,
अपना बेहतरीन ब्लॉग हिंदी चिट्ठा संकलक में शामिल करें

Anju (Anu) Chaudhary said...

क्या हैं मेरे ज़ज्बात कोई भी समझे ना
दुःख देती है हर बात कोई भी समझे ना || अंजु (अनु)

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत बढिया कोमल सी रचना,,, बधाई।

recent post हमको रखवालो ने लूटा

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत बढिया कोमल सी रचना, बधाई।

recent post हमको रखवालो ने लूटा

प्रेम सरोवर said...

आपका यह पोस्ट अच्छा लगा। मेरे नए पोस्ट पर आपकी प्रतिक्रिया की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी। धन्यवाद।

Akhil said...

waah...kamaal...itne kam shadon men itni komal aur nazuk baat..seedhe dil par dastak karti rachna..bahut bahut badhai..

दिगम्बर नासवा said...

चाहत दर्द को उतारने की ... जरूरत एक काँधे की ...
लाजवाब रचना है ...

ashish said...

भावो में डूब के लिखी गई कविता . अंतर्मन को छूती हुई . बहुत सुन्दर .

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कोमल सी ख़्वाहिश ....

Rewa said...

gehre bhav...dil ko chuti rachna

Rohitas ghorela said...

bahut sundar rachna .... last ki 2 lines ne to khasa prbhavit kiya. :)
you are welcome to my recent poem : नम मौसम, भीगी जमीं ..

expression said...

बहुत प्यारी....भावपूर्ण पंक्तियाँ है रंजू....

सस्नेह
अनु

Onkar said...

बहुत कोमल अभिव्यक्ति

Neelima said...

बहुत सुन्दर..

neera said...

तेरा कन्धा मिले तो
जी भर के रो सकूँ मैं सिर्फ़ एक बार
sach!

Udan Tashtari said...

गज़ब!! क्या बात है!!