Monday, June 18, 2012

साथ तेरा मेरा


दिखे जब रंग इन्द्रधनुष के
कुछ स्वप्न भूले बिसरे याद आए
दे के दर्द गए वह पवन के झोंके भी
जब हौले से वह यूं छु जाए

चुभी दिल में कोई फाँस सी
जब कोयल कुहू कुहू गाए
हर बीता मौसम दे याद तुम्हारी
पर गुजरा वक्त कब हाथ है आए

टीस दे इस दिल को हर वो लम्हा
जो गुजरा तुम संग साथ बिताए
भेजे कई मिलन के संदेशे हमने
दिल की बात तुम समझ न पाये

न न ...मत अब सहलाना
कोई दिल का दाग
तुम अब मेरा
जब तक दिल में .......
यह विरह की टीस घनेरी
तब तक हैं यादों में तेरा बसेरा
हर चुभती बात में याद आए तुम
हर दर्द में दिखे चेहरा तेरा
रहने दो अब टीस यह दिल में
यूं तो रहेगा साथ तेरा मेरा !!

21 comments:

सदा said...

रहने दो अब टीस यह दिल में
यूं तो रहेगा साथ तेरा मेरा !!
वाह ...बहुत खूब।

dheerendra said...

टीस दे इस दिल को हर वो लम्हा
जो गुजरा तुम संग साथ बिताए
भेजे कई मिलन के संदेशे हमने
दिल की बात तुम समझ न पाये

बहुत बेहतरीन भाव पुर्ण सुंदर रचना,,,,,रंजना जी बधाई,,,,,,

RECENT POST ,,,,,पर याद छोड़ जायेगें,,,,,

expression said...

तू न सही....तेरा दर्द सही..........

बहुत सुन्दर

अनु

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

हर चुभती बात में याद आए तुम
हर दर्द में दिखे चेहरा तेरा
रहने दो अब टीस यह दिल में
यूं तो रहेगा साथ तेरा मेरा !!

टीस के साथ यादों का साथ ...सुंदर प्रस्तुति

Sonal Rastogi said...

are waah

Maheshwari kaneri said...

रहने दो अब टीस यह दिल में
यूं तो रहेगा साथ तेरा मेरा !!
वाह ...बहुत खूब।......भावपूर्ण रचना....रंजना जी बधाई,,

Mukesh Kumar Sinha said...

टीस दे इस दिल को हर वो लम्हा
जो गुजरा तुम संग साथ बिताए
भेजे कई मिलन के संदेशे हमने
दिल की बात तुम समझ न पाये

ranjana jee aapke shabdo ke liye kya kahun.. bas yahi kahunga, har shabd bol rhe hain.. bahut behtareen!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (19-06-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

shikha varshney said...

रहने दो अब टीस यह दिल में
यूं तो रहेगा साथ तेरा मेरा !!
क्या बात है ..बहुत खूब.

रोहित said...

हर चुभती बात में याद आए तुम
हर दर्द में दिखे चेहरा तेरा
रहने दो अब टीस यह दिल में
यूं तो रहेगा साथ तेरा मेरा !!

prem ka dard anokha hi hota h..bahut sundar rachna!

रोहित said...

हर चुभती बात में याद आए तुम
हर दर्द में दिखे चेहरा तेरा
रहने दो अब टीस यह दिल में
यूं तो रहेगा साथ तेरा मेरा !!

pem ka dard anokha hi hota hai..bahut sundar rachna!

Maheshwari kaneri said...

तू न सही....तेरा दर्द सही.....बहुत भावपूर्ण रचना....क्या बात है...?.

प्रवीण पाण्डेय said...

टीस के रूप में ही सही, कोई निशानी तो बनी रहेगी..

प्रवीण पाण्डेय said...

टीस के रूप में ही सही, कोई निशानी तो बनी रहेगी..

Dr.NISHA MAHARANA said...

न न ...मत अब सहलाना
कोई दिल का दाग
तुम अब मेरा
bahut accha ...satik abhiwayakti.....

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

pretty good one.

दिगम्बर नासवा said...

चुभन या टीस रहती है तो याद भी रहती है ... बहुत ही भावपूर्ण अभिव्यक्ति ...

Amrita Tanmay said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति रंजना जी...

Arvind Mishra said...

आज मधुर विषाद की घिर करुण आयी यामिनी .......

संजय कुमार चौरसिया said...

वाह ...बहुत खूब।

Reena Maurya said...

बहुत सुन्दर
हृदयस्पर्शी रचना....
बहुत खूब
:-)