Monday, March 05, 2012

यह नशा सब बसन्ती बयार का है

छलक रहा है जो रंग नजरों से 
यही तो रंग सजना  प्यार का है

दिल में उठ रही  हैं जो धीरे से हिलोरे
यह नशा सब  बसन्ती बयार  का है

उड़ा के ले गया है चैन और करार मेरा
आंखो में ख्वाब इन्द्रधनुषी बहार का है

पलकों में बंद है बस एक सूरत तेरी
दिल में नशा तेरे ही दुलार का है
 
निहारूं  हर पल मैं  राह तुम्हारी
इस दिल को इन्तजार तेरे दीदार का है

बिखरे है फिजा में जो रंग टेसू के
ऐसा ही सपना तेरे मेरे संसार का है

22 comments:

सदा said...

निहारूं हर पल मैं राह तुम्हारी
इस दिल को इन्तजार तेरे दीदार का है

बिखरे है फिजा में जो रंग टेसू के
ऐसा ही सपना तेरे मेरे संसार का है

वाह ...अनुपम भाव संयोजन.. बहुत खूब ...

vidya said...

निहारूं हर पल मैं राह तुम्हारी
इस दिल को इन्तजार तेरे दीदार का है....

बहुत सुन्दर भाव ...

होली की ढेरों शुभकामनाये आपको.

वन्दना said...

दिल में उठ रही हैं जो धीरे से हिलोरे
यह नशा सब बसन्ती बयार का है


इसमे क्या शक है

Mukesh Kumar Sinha said...

निहारूं हर पल मैं राह तुम्हारी
इस दिल को इन्तजार तेरे दीदार का है
....
kya kahun.. bahut pyari si rachna...
holi ki shubhkamnayen..

sushma 'आहुति' said...

प्यार के रंगों से भरी लगी आपकी रचना....

विजय रंजन said...

बहुत खूबसूरत ...दीदार ए यार ही तो सपना ए संसार होता है...

अभिषेक प्रसाद said...

intjaar ke bhaav ne mohit kar liya mujhe.... sach mein khubsurat aur bhaav-purna...

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत ही सुन्दर कविता..

दिगम्बर नासवा said...

Holi aur sajan ke prem ka naata Bahut purana hai .. Bahut hi manmohak geet ..
Aapko holi ki Bahut Bahut shubh kamnayen ...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

खूबसूरत अभिव्यक्ति ... होली की शुभकामनायें

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

boht vadiyaa!

Mukesh Kumar Sinha said...

निहारूं हर पल मैं राह तुम्हारी
इस दिल को इन्तजार तेरे दीदार का है

pyara sa intzaar...
holi ki shubhkamnayen..

सदा said...

कल 07/03/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .

धन्यवाद!


'' होली की शुभकामनायें ''

vandana said...

दिल में उठ रही हैं जो धीरे से हिलोरे
यह नशा सब बसन्ती बयार का है

बहुत सुन्दर रचना

Reena Maurya said...

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प्रेम रंग में डूबी बेहतरीन रचना
होली पर्व की शुभकामनाए
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यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) said...

आपको होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।

सादर

Ankur jain said...

sundar rachna...holi ki shubhkamnayen..

sushila said...

"बिखरे है फिजा में जो रंग टेसू के
ऐसा ही सपना तेरे मेरे संसार का है"

बहुत सुंदर !

होली मुबारक !

veerubhai said...

छलक रहा है जो रंग नजरों से
यही तो रंग सजना प्यार का है
अति सुन्दर भाव बोध की रचना .एक शब्द चित्र भाव का बुनती सी .
.holi mubaarak

आशा जोगळेकर said...

होली पर प्रिय का इन्तज़ार ना हो ये कैसे हो सकता है । सुंदर लुभावनी रंगीली कविता । होली मुबारक ।

कविता रावत said...

bahut badiya dilkash prastuti..
Holi ki hardik shubhkamnayen!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

.


"दिल में उठ रही हैं जो धीरे से हिलोरें
यह नशा सब बसन्ती बयार का है


पलकों में बंद है बस एक सूरत तेरी
दिल में नशा तेरे ही दुलार का है "

वाह जी वाह ! कितना सुंदर लिखा है आपने !
बहुत बहुत बधाई और आभार !

…और ,
स्वीकार करें मंगलकामनाएं आगामी होली तक के लिए …
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♥होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार !♥
♥मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !!♥


आपको सपरिवार
होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
- राजेन्द्र स्वर्णकार
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