Monday, July 05, 2010

चंद लफ्ज़ कुछ यूँ ही


रेशमी सपने भी
आंसू के संग बह जाते हैं
वीरान आँखों में
जब यादो के
लम्हे मुस्कारते हैं
****************


खुद को बहलाने के
अब सब बहाने भी
नाकाम हो चले
जब से दिल ने जाना
कि हर साथ चलने वाला
हमसफर नहीं होता !!
*******************
हकीकत में
ख्वाब
एक फ़साना है
एक साया है दिल में
और उसका चेहरा
खुद बनाना है !!!

रंजना (रंजू ) भाटिया

26 comments:

वन्दना said...

बहुत ही उम्दा ख्याल्।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

वाह...ये चंद लफ्ज़ बहुत गहरी बात कर गए...

वीरान आँखों में यादों के लम्हे .....बहलाने के बहनों का नाकाम होना और उसका चेहरा खुद बनाना ...बहुत दिल से निकली अभिव्यक्ति....

shikha varshney said...

इन चंद लफ़्ज़ों में तो बहुत कुछ समां गया ..बहुत सुन्दर.

स्वाति said...

रेशमी सपने भी
आंसू के संग बह जाते हैं
वीरान आँखों में
जब यादो के
लम्हे मुस्कारते हैं..
wah wah .. kya bat hai.. har nagma apne aap me kuchh khas hai..

सन्ध्या आर्य said...

waah..........

Mukesh Kumar Sinha said...

yaden har samay muskurane ke liye hote hain.......chahe jaise ho...katu ho ya khubsurat!!

ek behad achchhi rachna!!

Udan Tashtari said...

रेशमी सपने भी
आंसू के संग बह जाते हैं
वीरान आँखों में
जब यादो के
लम्हे मुस्कारते हैं

-वाह! बहुत कोमल भाव!

Arvind Mishra said...

सत्य और रोमान का फर्क -मगर फिर भी दुनिया इतनी बुरी नहीं है ..मुस्कुराईये !

अनामिका की सदाये...... said...

sach lagti hain sari dil ki baate.

महफूज़ अली said...

बहुत सुंदर.... अंतिम रचना बहुत अच्छी लगी....

अल्पना वर्मा said...

सभी छोटी कवितायेँ अच्छी लगीं.
खास कर आखिर वाली
'हकीकत में
ख्वाब
एक फ़साना है
एक साया है दिल में
और उसका चेहरा
खुद बनाना है !!!'
--बहुत ही खूबसूरत !

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

aafareen....umdaa...behtareen!

शारदा अरोरा said...

सुन्दर है ये ताना बाना , और सटीक बात 'उसका चेहरा खुद बनाना भी है '...और अपना दिल बहलाना भी है ।

अर्चना said...

"हकीकत में
ख्वाब
एक फ़साना है
एक साया है दिल में
और उसका चेहरा
खुद बनाना है !!!"

bahut khoobsoorat, bahut hi khoobsoorat..

डॉ .अनुराग said...

कि हर साथ चलने वाला
हमसफर नहीं होता !!


hum....some times life give us some words...

दिगम्बर नासवा said...

हकीकत में
ख्वाब
एक फ़साना है
एक साया है दिल में
और उसका चेहरा
खुद बनाना है ...

बहुत खूब ... अपने ख्वाब की ताबीर जब खुद ही करनी है तो उसके रंग और उसमे तस्वीर भी तो खुद ही लगानी चाहिए ...
बहुत ही लजवाब हैं सब नाज़्में ....

Mrs. Asha Joglekar said...

बहुत ही सुंदर कविताएं भा गईं मनको । खयाल को चेहेरा बनाने वाली बात कमाल की ।

Shiva Prakash said...

कि हर साथ चलने वाला
हमसफर नहीं होता !!
i don't know that much hindi, but i understood it. it is really touchy.

सुमन'मीत' said...

जिन्दगी ऐसी ही है बस यूं ही लम्हें आते हैं और कुछ खट्टी मीठी यादें देकर चले जाते हैं

rajeev matwala said...

उम्दा ही नही... लफ्जो का समा है...जिसमे बहुत कुछ समाया है।

anjana said...

बहुत बढिया.

जाने नवरात्रे के बारे मे
ruma-power.blogspot.com पर

निर्मला कपिला said...

रंजू जी सब से पहले तो क्षमा चाहती हूँ बहुत दिन से ब्लाग पर आ नही पाई। आपका ब्लाग लिन्क नही था मेरी पहली ब्लागलिस्ट गलती से डिलीट हो गयी थी। अब नई बनाई है। आज किसी ब्लाग पर लिन्क देखा तो चली आयी और सेव कर लिया है। कैसी हैं आप?
रेशमी सपने भी
आंसू के संग बह जाते हैं
वीरान आँखों में
जब यादो के
लम्हे मुस्कारते हैं
बहुत अच्छी लगी सभी रचनायें। बहुत बहुत शुभकामनायें

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

इन छोटी सी क्षणिकाओं में जीवन का रस है भरा हुआ।
................
पॉल बाबा का रहस्य।
आपकी प्रोफाइल कमेंट खा रही है?.

Science Bloggers Association said...

चंद लफ्जों में भी बहुत कुछ कह दिया है आपने।
................
नाग बाबा का कारनामा।
महिला खिलाड़ियों का ही क्यों होता है लिंग परीक्षण?

अशोक लालवानी said...

bahut kubh...

हर साथ चलने वाला
हमसफर नहीं होता !!

aur...

har musafir manzil ka mohtaj nahi hota...

Anonymous said...

pyar ka matlove mene aaj tak nahi samaj paya pyar akhir hota kya hai or ye usi se kyo hota hai jo use mil nahi sakta akhir ye dil kyo rota hai jab bo milte nahi hai please mujhe in sawalo ko jawab do nahi to me pagal ho jaunga