Wednesday, May 21, 2008

मौसम को इशारों से बुला क्यों नही लेते...

मौसम को इशारों से बुला क्यों नहीं लेते
रूठा है अगर वो तो मना क्यों नहीं लेते

दीवाना तुम्हारा कोई गैर नहीं
मचला भी तो सीने से लगा क्यों नही लेते

ख़त लिखकर कभी और कभी ख़त को जलाकर
तन्हाई को रंगीन बना क्यों नही लेते

तुम जाग रहे हो मुझको अच्छा नही लगता
चुपके से मेरी नींद चुरा क्यों नही लेते

मौसम को इशारों से बुला क्यों नही लेते [जगजीत सिंह .]..दिल्ली का मौसम तो वैसे ही सावन आया भूल के हो गया है ..इस मौसम में यह दो गाने अच्छे लगे आप भी सुने :)




मैनू तेरा शाबाब ले बैठा .. [जगजीत सिंह .].


Post a Comment