Monday, October 15, 2007

यादें


कभी तो टूटेगा तन्हा रातो का अंधेरा
ख़ुद को किसी की याद का जुगनू बना के देख

मुझे दिल से भूल कर छोड़ कर जाने वाले
कभी पलट के फिर से उन साथ चली राहों में तो देख

किस तरह बीता वक़्त बन जाता है मीठी सी याद
एक पल के लिए अपनी पलके उठा के फिर झुका के तो देख

कोई नाम अभी भी कांपता तो होगा होंठो पर
ज़रा दिल की धड़कनों को वो नाम सुना के तो देख !!
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