Tuesday, February 06, 2007

आईने


तेरी मोहब्बत तेरे शब्दो से बयान हो रही है
चर्चा मेरे नाम की महफ़ील में आज हो रही है

जो बात थी गीतो की ज़ुबान में अब तक
वोह बात आज खुले आम हो रही है

लिखा है जब से तुमने गीतो में नाम हमारा
यह दुनिया सितमगर आज हो रही है

होने लगा है हमारी बात का चर्चा अब दुश्मनो के घर भी
यह बात कहाँ की थी और कहाँ आज हो रही है

सह ना पाएगा ज़माना इस प्यार को कभी
जो बात दिल की थी वोह अफ़साना बन के आज आम हो रही है

मेरी हर बात पर वो कहते हैं की "जवाब तुम्हारा नही"
मेरे शब्दो मैं एक आईने की तरह बात हो रही है
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