Showing posts with label कुछ यूं ही. Show all posts
Showing posts with label कुछ यूं ही. Show all posts

Wednesday, August 13, 2008

दिल की रागिनी


हूँ तेरे साथ मैं आज ,
कुछ बहके हुए एहसासों से
छिपा ले मुझे बाँहों में सनम कि,
वक़्त कटे ना अब बातो से
तेरे ही सांसो से जुड़ी ,
मैं साथ तेरे हर पल चली हूँ
तेरे ही दिल की रागिनी बन के
आज मैं तेरे दिल से जुड़ी हूँ .......


दिल धड़क रहा है मेरा
आज कुछ नये अंदाज़ से
सीने में है कुछ मचले हुए जज़्बात से
नज़रो में एक मीठी सी कसक ले के जगी हूँ
तेरे नयनों में बन सपना ,मैं ही तो खिली हूँ
तेरे ही दिल की रागिनी बन के
आज में तेरे दिल से जुड़ी हूँ .......


रात है कुछ आज सुरमई महकी हुई ,
बहकी है यह मदमस्त हवा भी
कर ले तू भी नादानियां आज
दिल की बहकी फ़िज़ाओ से...
आज तेरे साथ मैं सब हदों को ..
पार करने की नीयत से खड़ी हूँ
बाँध ले आज अपने प्यार की डोर से सनम,
मैं इस पल के लिए दुनिया से लड़ी हूँ
तेरे ही दिल की रागिनी बन के
आज मैं तेरे दिल से जुड़ी हूँ ....

१३-०२ ०५