Friday, August 16, 2013

बस एक बार

ए !!मेरे प्यार के  हमराही ......
मुझे अपनी पलको में बिठा के वहाँ ले चल
जहाँ खिलते हैं
मोहब्बत के फूल
गीतो से
तू अपनी नज़रो में 
बसा कर  वहाँ ले चल

जो महक रहा है तेरा दामन
 जिन पलो की ख़ुश्बू से
उन पलो में 
एक बार फिर डुबो कर मुझे वहाँ ले चल.........
जहाँ देखे थे 
हमने दो  जहान मिलते हुए
उस साँझ के आँचल तले
 एक आस का दीप जला कर
बस एक बार मुझे वहाँ ले चल................ जय श्री कृष्णा
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