
यह हफ्ता
चाँद के नाम है ...अब तक न जाने कितनी पंक्तियाँ लिखी गई है मुझसे भी चाँद पर ...क्यों हर लिखने वाले दिल के लिए चाँद हमेशा ख़ास रहा है ..दूर गगन में चमकता चाँद दिल के बहुत करीब महसूस होता है ,रूमानी चाँद .उदास चाँद .बोलता चाँद .अंधा चाँद .आधा चाँद ..न जाने कितने पल लिखे गए इस चाँद के नाम ......अब तक जो पोस्ट हुई या जो नही हुई वह इस
चाँद हफ्ते के नाम पर ...शुक्रिया
दिल की जमीन से
रूह के मुहाने तक
तेरी याद
जैसे नदी के
हिलते पानी में
तैरता हुआ दिखता
चाँद का टुकडा
हथेली में
बंद कर के
उस अक्स को
एक घूंट में लबो ने
पीया है !!********************************************
चाँद.......
मुट्ठी में भर
छिपा लूँ...
सारी चाँदनी
बैरी जग को बता दूँ
कि जिसे वो
दाग़दार समझता है
वो ही चाँद
उसकी जिंदगी में
शीतल छाँव भरता है..***************************************
पायल की बजतीरुनझुन मेंकजरे की धार में .. यूँ ही चुपके सेआ कर तेरे कानों मेंचाँद सितारों के संगकह जाती हूँमैं अपनी बात !!रंजना (रंजू) भाटिया