Friday, April 17, 2009

शुक्रिया अनुराग जी

१४ अप्रैल को अपने जन्मदिन पर हिन्दी ब्लाग जगत से बहुत सारी शुभकामनाएं और बधाई संदेश मिले ..हर संदेश प्यार से भरा था ..एक पूरे परिवार के साथ होने का आभास हुआ ...आज अभी सबसे अधिक सुखद आश्चर्य अनुराग अन्वेषी जी से मुझे एक खूबसूरत तोहफे के रूप में मिला ..जब उन्होंने जन्मदिन के अवसर पर मेरे ब्लॉग पर लिखी कविता बहुत दिन हुए ..को अपनी खूबसूरत और प्रभावशाली आवाज़ दी .और उसका शीर्षक लिखा कि मैंने रंजू की कविता चुराई ...:)
मेरी अनुराग जी से विनती है कि वह मेरी सभी कविताएं चुरा के उन्हें अपनी आवाज़ दें दें ..:) .उनका यह तोहफा मुझे बेहद पसंद आया ..आप भी सुनिए ...बहुत बहुत शुक्रिया अनुराग जी और आप सबका ..आप सब का स्नेह और साथ यूँ ही बना रहे ...
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