Monday, April 16, 2007

क्या कभी ??????????


क्या कभी शीशे के उस पार झाँक कर देखा है तुमने
क्या कभी ख़ुद क अंदर जलते हुए ख़ावाबो को देखा है तुमने


क्या कभी हँसते हुए की आँखो में आँसू देखा है तुमने
क्या कभी पानी से जलते हुए शूलो को देखा है तुमने


क्या कभी बादलो में छुपे हुए अरमानो को देखा है तुमने
क्या कभी सोते बच्चे की बंद मुट्ठी को देखा है तुमने

क्या कभी कानो में तुमको सादा सुनाई दी है किसी दिल
क्या कभी इन मेहफ़ीलो में तन्हा पड़े हुए फूलो को देखा है तुमने
क्या कभी हाँ ,अब बोलो क्या कभी इस दिल की आँखो से मुझको देखा है तुमने????
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