Showing posts with label kuch yu hi .... Show all posts
Showing posts with label kuch yu hi .... Show all posts

Friday, January 25, 2013

रंगोली

समय की आंधी में ,
मिट जाती है.....
लम्हों  की रेत पर
लिखी हुई कहानियाँ,
पर मिटने के डर से
कहाँ थम पाती है यादें
जो बिना किसी रंग के
दिल की गहराई में
रंगोली सी  खिलती रहती है !!

Friday, April 13, 2012

इन्तजार



जाने कब तक उम्र बीतेगी इन्तजार में
एक मुद्दत से है राह पर नजर टिकी हुई

चल रहे हैं वक्त का यही है तकाजा
उस पार क्या है यह किसको खबर हुई

मिली तो मिली बस रुसवाइयां जिंदगी में
मौत के आने की घड़ी है अब ठहरी  हुई

बाँट गई सब खुशियाँ जो साथ थी
तन्हाई की अब तो आदत हमको हुई

कह तो रहे हैं अपने दर्द को इस ख़त में
वैसे तो बात किए हुए तुमसे अब मुद्दत हुई