Monday, November 12, 2012

जगमगाते दीप

यादे हैं
लहराते
काले दुप्पटे पर
इठलाती
सितारों सी झिलमिलाती
या
आँगन में खिलखिलाते

जगमगाते दीप !!.









 दीप जैसे
नभ के तारे
आज घर के
गले  में डाले

.#..शुभ दीपावली :)

15 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुंदर


मन का दीप
रोशन कर देखो
खुशी ही खुशी

दीपावली की शुभकामनायें

Madan Mohan Saxena said...

उम्दा पंक्तियाँ ..बेह्तरीन अभिव्यक्ति .बहुत अद्भुत अहसास.सुन्दर प्रस्तुति.
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये आपको और आपके समस्त पारिवारिक जनो को !

मंगलमय हो आपको दीपो का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..

सदा said...

अनुपम भाव लिये बढिया प्रस्‍तुति... दीपावली की अनंत शुभकामनाएं

सादर

Maheshwari kaneri said...

बहुत सुंदर .. दीपावली की अनंत शुभकामनाएं..

काजल कुमार Kajal Kumar said...

:) सुंदर

वन्दना said...

सुन्दर प्रस्तुति.

दीप पर्व की आपको व आपके परिवार को ढेरों शुभकामनायें

मन के सुन्दर दीप जलाओ******प्रेम रस मे भीग भीग जाओ******हर चेहरे पर नूर खिलाओ******किसी की मासूमियत बचाओ******प्रेम की इक अलख जगाओ******बस यूँ सब दीवाली मनाओ

sushma 'आहुति' said...

बहुत सुंदर.....आपको भी दीपावली की बहुत शुभकामनायें।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

सुन्दर प्रस्तुति!
--
दीवाली का पर्व है, सबको बाँटों प्यार।
आतिशबाजी का नहीं, ये पावन त्यौहार।।
लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।
--
आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

अल्पना वर्मा said...

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति!
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Anju (Anu) Chaudhary said...

दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएँ

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...

वाऽऽह !
सुंदर रचना है …

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...




ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

**♥**♥**♥**● राजेन्द्र स्वर्णकार● **♥**♥**♥**
ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ

प्रवीण पाण्डेय said...

दीवाली की शुभकामनायें..

AMAL BISWAS said...

अतिसुंदर प्रस्तुति!
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

expression said...

बहुत सुन्दर पंक्तियाँ....
दीपोत्सव का एहसास हर लफ्ज़ में..

सस्नेह
अनु