जो तू आन्खियो के सामने नही रहना ते बीबा मेरा दिल मोड़ दे ..एक सूफी गीत जो सीधा दिल में उतर जाता है
बताये क्या मैंने झूठ कहा :)
बिना लेड की पेंसिल को 'लेड पेंसिल' क्यों कहते हैं?
16 hours ago
जब करनी होती ख़ुद से बाते तो में कुछ लफ्ज़ यूँ दिल के कह लेती हूँ ....
जो तू आन्खियो के सामने नही रहना ते बीबा मेरा दिल मोड़ दे ..एक सूफी गीत जो सीधा दिल में उतर जाता है
बताये क्या मैंने झूठ कहा :)
हिन्दुस्तान अखबार में कुछ मेरी कलम से ब्लॉग चर्चा में चर्चा हुई .. कुछ मेरी कलम से की ...यह चर्चा मनविंदर की कलम से की गई है ......शुक्रिया मनविंदर
3 comments:
आप सच में झूठ नही बोल सकती। प्यारा गाना।
उतर गया मोहतरमा
बिल्कुल सच कहा-उतर गया. आभार.
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