Showing posts with label साया पुस्तक से .डायरी के पन्ने से. Show all posts
Showing posts with label साया पुस्तक से .डायरी के पन्ने से. Show all posts

Thursday, February 25, 2010

तेरे छूने से



तेरे छुने से बरसो बाद मेरा मौन टूटा है
एक पर्दा सा था तन मन पर मेरे
तेरे छुने से वो भ्रम जाल टूटा है
आज बरसो बाद दिल में प्यार फूटा है !!

हिमनदी सी जमी हुई थी मैं
तेरे छुने से एक गर्माहट हुई
सोई हुई तितलियों के पंख में
फिर से कोई अकूलाहट हुई
दिल में फिर से मस्त बयार का झरना फूटा है
तेरे छुने से बरसो बाद मेरा मौन टूटा है

मेरे ही स्वर कही गुम थे मेरे भीतर छिपे हुए
तेरे आने से हर राग जैसे दिल को छूता है
छा गया है एक खुमार सा चारो तरफ़
हाँ बरसो बाद मेरा मौन से साथ छूटा है

तेरे छुने से मेरा हर भर्म जाल टूटा है
आज बरसो बाद दिल मे प्यार फूटा है !!