माँ जो है .........
शब्दों का संसार रचा
हर शब्द का अर्थ नया बना
पर कोई शब्द
छू न पाया
माँ शब्द की मिठास को
माँ जो है ......
संसार का सबसे मीठा शब्द
इस दुनिया को रचने वाले की
सबसे अनोखी और
आद्वितीय कृति
है यह प्यार का
गहरा सागर
जो हर लेता है
हर पीड़ा को
अपनी ही शीतलता से
इंसान तो क्या
स्वयंम विधाता
भी इसके मोह पाश से
बच न पाये है
तभी तो इसकी
ममता की छांव में
सिमटने को
तरह तरह के रुप धर कर
यहाँ जन्म लेते आए हैं ॥
रंजना [रंजू ] भाटिया
माँ ..की याद कहाँ भूली जा सकती है ...आज माँ की पुण्यतिथि पर
शब्दों का संसार रचा
हर शब्द का अर्थ नया बना
पर कोई शब्द
छू न पाया
माँ शब्द की मिठास को
माँ जो है ......
संसार का सबसे मीठा शब्द
इस दुनिया को रचने वाले की
सबसे अनोखी और
आद्वितीय कृति
है यह प्यार का
गहरा सागर
जो हर लेता है
हर पीड़ा को
अपनी ही शीतलता से
इंसान तो क्या
स्वयंम विधाता
भी इसके मोह पाश से
बच न पाये है
तभी तो इसकी
ममता की छांव में
सिमटने को
तरह तरह के रुप धर कर
यहाँ जन्म लेते आए हैं ॥
रंजना [रंजू ] भाटिया
माँ ..की याद कहाँ भूली जा सकती है ...आज माँ की पुण्यतिथि पर
