Monday, January 02, 2012

दो पल....

सुनो
अपने आने की ख़बर
कुछ देना इस तरह मुझको
जैसे मन्दिर की घंटियाँ
टुनटुना उठती हैं
और एक पावन सुगंध
फ़ैल जाती है
फिजा में

इस दो पल के मिलने में ही
मैं अपने जीवन के
सब पल काट लूंगी
जैसे दो पल के ध्यान में
हो जाती है सब मुरादें पुरी
और दो दाने प्रसाद
के पा कर रूह तक
पावन हो जाती है!!!!

सभी दोस्तों को नया साल मुबारक ....स्वागत है २०१२ का खुली बाहों से ..सब मंगलमय हो ,सुखद हो ....प्रेम से भरा हुआ हो यह साल ......

20 टिप्पणियाँ:

सदा said...

दो दाने प्रसाद
के पा कर रूह तक
पावन हो जाती है!!!!

बहुत खूब कहा है आपने ...

नववर्ष की अनंत शुभकामनाएं ।

Sanju said...

बहुत बेहतरीन.............

Kailash Sharma said...

बहुत खूब! लाज़वाब प्रस्तुति....नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

जैसे दो पल के ध्यान में
हो जाती है सब मुरादें पुरी
और दो दाने प्रसाद
के पा कर रूह तक
पावन हो जाती है!!!!

बहुत खूबसूरत भाव ... नव वर्ष की शुभकामनायें

वन्दना said...

्शानदार आहवान करती प्रस्तुति…………नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें.

Dr.R.Ramkumar said...

सुनो
अपने आने की ख़बर
कुछ देना इस तरह मुझको
जैसे
एक पावन सुगंध
फ़ैल जाती है
फिजा में


बहुत खूब
लाज़वाब

नववर्ष की हार्दिक अनंत शुभकामनाएं

कुमार संतोष said...

सुंदर रचना !

आभार !
नए साल की हार्दिक बधाई आपको !

प्रवीण पाण्डेय said...

बस ये दो पल और क्या है,
उर्वशी है, पुरुरवा है।

chirag said...

happy new year
nice lines

सुरेन्द्र "मुल्हिद" said...

umdaa prastuti..
happy new year 2012..

डॉ.मीनाक्षी स्वामी said...

"जैसे मन्दिर की घंटियाँ
टुनटुना उठती हैं
और एक पावन सुगंध
फ़ैल जाती है
फिजा में"

अद्भुद भावाभिव्यक्ति।

दिगम्बर नासवा said...

Jeevan jeene ke liye ye do pal hi kafi hain agar pyaar ke hon .... Sudar shuruaat hai naye Saal ki ...

Aapko aur parivar mein sabhi ko nav varsh ki hardik shubh kamnayen ....

Monika Jain "मिष्ठी" said...

bahut hi sundar bhavo se saji sundar kavita :)

Pallavi said...

खूबसूरत भावों से सजी सुंदर प्रस्तुति ...

वन्दना अवस्थी दुबे said...

बहुत सुन्दर कविता है रंजना जी.
नव वर्ष पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनायें।

dheerendra said...

बहुत सुंदर रचना......
--जिन्दगीं--

मनोज भारती said...

एक सुंदर भाव से परिपूर्ण रचना ...प्रिय का दो पल का साथ संपूर्ण होने के कारण चिरंतन होता है।

कौशल किशोर said...

अच्छा लिखा ....
नव वर्ष पर इस नए मित्र की भी बहुत सारी शुभकामनायें कुबूल कीजिये.......
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http://dilkikashmakash.blogspot.com/

kavi kulwant said...

नया साल मुबारक

kavi kulwant said...

नया साल मुबारक