Friday, November 25, 2011

एक सच............

हर प्रेम कहानी की तरह
मैं भी अपनी प्रेम कहानी का
एक सच हूँ ...!!
"हाँ "तुम नहीं समझ सकते
इसके अंत को
कि कैसा लगता है
प्रेम की गलियों  में
भटकने का पागलपन
यूँ ही बैठे बैठे चौंक जाना
और घबरा के अनेक आरोपों को
दूसरे के चरित्र पर थोप देना
लगता है कई बार इस से
कि
कहानी यूँ ही बुन ली जाती है
पर ......
जब मन के
किसी कोने में
अँधेरे हो तब
"कैसे "कोई रोशनी का गीत गुनगुनाये
और मैं इसी "कैसे "को भ्रमा कर
तुम्हे प्रेम का गीत सुनाना चाहती हूँ
बस तुम यूँ ही देखते हुए मुझे .
उस गीत को सुनते रहना ..सुनते रहना!!!!!

31 टिप्पणियाँ:

प्रवीण पाण्डेय said...

मन में कितनी बात छिपाये रहते हैं प्रेमीजन, वे ही सबसे अच्छा जानते हैं। प्रेम की तुलना सागर से की जाती है।

सदा said...

तुम्हे प्रेम का गीत सुनाना चाहती हूँ
बस तुम यूँ ही देखते हुए मुझे
वाह ... बहुत खूब ।

केवल राम : said...

प्रेम तो आखिर प्रेम है इसे कौन समझे .....बस महसूस कर पायें और जी पायें इसे तो ही बेहतर है ....!

वन्दना said...

मोहब्बत के सच किसने जाने हैं
मोहब्बत करने वाले तो बस दीवाने हैं

anju(anu) choudhary said...

man ke shabdo se rachi khubsurat kavita..

prem ke sath sath dar ka bhi samavesh...ati sunder........aabhar

Amrita Tanmay said...

उद्दात प्रेम भरी रचना.

Arvind Mishra said...

खूबसूरत, हम सुनते रहेगें

sushma 'आहुति' said...

प्रेम को समझ पाना मुस्किल है......... भावपूर्ण रचना....

shikha varshney said...

प्रेम समंदर दिल के अंदर..सुन्दर रचना.

दिगम्बर नासवा said...

Jo prem karat hai vahi jaanta hai is ka sach .. Bhavmay rachna ...

अनामिका की सदायें ...... said...

जब मन के
किसी कोने में
अँधेरे हो तब
"कैसे "कोई रोशनी का गीत गुनगुनाये

ek dam sach kaha...lekin is ke baad....

और मैं इसी "कैसे "को भ्रमा कर
तुम्हे प्रेम का गीत सुनाना चाहती हूँ
बस तुम यूँ ही देखते हुए मुझे .
उस गीत को सुनते रहना ..सुनते रहना!!!!!

aisa samarpan pyar me hi sambhav hai.

bahut prabhashali abhivyakti.

Blog LOTA said...

hello Mam
nice poems


thanks for sharing

Manav Mehta said...

प्रेम से भरपूर रचना ....

Suman said...

nice

chirag said...

cute and romantic

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर ..

Deepak Shukla said...

Ranjana ji,

'Prem ' shabd seemit lagta par..
Arth aseemit rahe sada..
Sathi ko samjhate lagte..
Kavita padhkar hamen laga..

Kuchh bhi na samjhayen unko..
Ek din samajh wo jayenge..
Teri hi bhasha main tujhko..
Pyaar kya wo samjhayenge..

Sundar ahsaas bhari kavita..

Aage bhi aapki kavitaon ko padhte rahne ke liye abhi aapke blog se jud raha hun..

Shubhkamnaon sahit..

Deepak Shukla..

दर्शन कौर said...

pyar bhari kavita ....

abhishek upadhyay said...

dear
i addiction of poems,I always trying to read such a poems which has natural beauty
i read your poem and hope u get all beautifull thoughts on the road of imaginations

Suman Dubey said...

rnjuu ji namaskaar, bahut khuub likhatii hai aap mere bhii blaag par aapakaa saadr aamntrn hai.

P.N. Subramanian said...

सुन्दर. लता का गाया "रसिक बलमा" याद आ गया.

Maheshwari kaneri said...

प्रेम को समझ पाना मुस्किल है..एक भाव पूर्ण रचना

फणि राज मणि चन्दन said...

जब मन के
किसी कोने में
अँधेरे हो तब
"कैसे "कोई रोशनी का गीत गुनगुनाये

kora sach!!
bade dinon baad mauka mila to aaj aapke blog par ye behad bhawpoorn rachna padhne ko mili. man prasann ho gayaa

निवेदिता said...

बहुत प्यारी सी कविता .....

Rajput said...

जब मन के
किसी कोने में
अँधेरे हो तब
"कैसे "कोई रोशनी का गीत गुनगुनाये
और मैं इसी "कैसे "को भ्रमा कर
तुम्हे प्रेम का गीत सुनाना चाहती हूँ....
प्रेम भरी रचना.

Kailash C Sharma said...

कि कैसा लगता है
प्रेम की गलियों में
भटकने का पागलपन
यूँ ही बैठे बैठे चौंक जाना
और घबरा के अनेक आरोपों को
दूसरे के चरित्र पर थोप देना

....लाज़वाब अहसास...बहुत प्रेममयी अभिव्यक्ति..

Udan Tashtari said...

वाह!! क्या बात है!!

रंजना said...

भावपूर्ण ढंग से मनोभावों को शब्दों में बाँधा आपने...

बहुत बहुत सुन्दर, मर्मस्पर्शी...

Prabodh Kumar Govil said...

"bhramaa kar" ke liye koi aur vikalp dekhiye.

आशा जोगळेकर said...

प्रेम को समझने वाला प्रेमी ही हो सकता है दुनिया दार इसे क्या समझे । सुंदर भाव भरी रचना ।

singhSDM said...

आदरणीया
"कैसे "कोई रोशनी का गीत गुनगुनाये
और मैं इसी "कैसे "को भ्रमा कर
तुम्हे प्रेम का गीत सुनाना चाहती हूँ
बस तुम यूँ ही देखते हुए मुझे .
उस गीत को सुनते रहना ..सुनते रहना !!!!!
दिल को छू जाने वाली कविता
बहुत सुन्दर