होले से धीरे से सरकती
शाम की यह बेला
कुछ ऐसे ही
राह तकती है
जैसे मन के भीतर
कहीं गहरे एहसास
पथराये से रहते हैं
और तलाश करते हैं
किसी राम की
पर ...
न सांझ का
इन्तजार खत्म होता है
और न ही पथराये
एहसासों में
जगाता है कोई सम्पदन......
शाम की यह बेला
कुछ ऐसे ही
राह तकती है
जैसे मन के भीतर
कहीं गहरे एहसास
पथराये से रहते हैं
और तलाश करते हैं
किसी राम की
पर ...
न सांझ का
इन्तजार खत्म होता है
और न ही पथराये
एहसासों में
जगाता है कोई सम्पदन......
32 टिप्पणियाँ:
इंतज़ार को मुकम्मल जहां कब मिलता है……………।
कभी-कभी तो जिंदगी - इंतज़ार में ही बीतती लगती है
सुन्दर रचना
वाह बहुत खूब !
बहुत ही अच्छी रचना है आप का बहुत धन्यवाद
Wow so nice & good poem thanks for sharing.
इंतज़ार तो इतंजार ही रह जाता है
सुन्दर अभिव्यक्ति.
इंतज़ार पर अच्छा लिखा आपने...
जैसे मन के भीतर
कहीं गहरे एहसास
पथराये से रहते हैं
और तलाश करते हैं
किसी राम की
वाह ... ये शब्द नि:शब्द करते हुये ...अनुपम प्रस्तुति ।
बहुत सुंदर ढंग से शब्दों में उतारी इंतजार की वेदना.......
इंतज़ार ज़िंदगी में कहाँ खत्म होता है..बहुत सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति.
'गहरे अहसास का पथरा जाना और किसी राम का इंतज़ार करना''..वाह!
छोटी कविता मगर भावों में गहनता है .
ओह ..दर्द भरी अभिव्यक्ति ...
सम्पदन..-- स्पंदन
बहुत गहरी बात कहती रचना.
बहुत गहरी बात कहती रचना.
बहुत सुन्दर रचना.
सम्पदन का मतलब क्या होता है, बस यही समझ नहीं आया वैसे कविता बहुत खूबसूरत है!
इन्तजार मे दिल की कशमक्श ---। अच्छी रचना। शुभकामनायें।
intjaar naam ko sarthk karti hui aek subsurt kvita
रंजना जी
कविता का कथ्य कविता से पाठक को जोड़ लेता है और शायद यही इस कविता की सफलता का प्रतीक है.
जैसे मन के भीतर
कहीं गहरे एहसास
पथराये से रहते हैं
और तलाश करते हैं
किसी राम की
बहुत ही अच्छी रचना है आप का बहुत धन्यवाद|
बहुत ही अच्छी रचना है कभी मेरे ब्लॉग पर भी पधारियेगा आपका स्वागत है !
बहुत ही अच्छी रचना है कभी मेरे ब्लॉग पर भी पधारियेगा आपका स्वागत है !
बहुत ही अच्छी रचना है
भावपूर्ण अभिव्यक्ति....
बहुत ही अच्छी रचना है
जैसे मन के भीतर
कहीं गहरे एहसास
पथराये से रहते हैं
और तलाश करते हैं
किसी राम की
वाह सुनीता जी बहुत सुंदर ।
waah aisa injaar kabhi na khatm hone vala....
राम नही आए और अहिल्या इंतेज़ार करती रही ... पत्थर की मूर्ति की तरह ... बहुत गहरे बिंब बन कर उभरते हैं इस रचना से ...
आशा है आपका स्वस्थ ठीक होगा ... आज कर ब्लॉग पर कम नज़र आती हैं आप ...
इंतजार के एहसास की सुन्दर अभिव्यक्ति है
खूबसूरत अभिव्यक्ति
इंतजार का एहसास बहुत सुन्दर भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति है।
न ही पथराये
एहसासों में
जगाता है कोई सम्पदन......ati bhavpuran...
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