जब करनी होती ख़ुद से बाते तो में कुछ लफ्ज़ यूँ दिल के कह लेती हूँ ....
ज़रा थम थम के रफ़्ता रफ़्ता चल ज़िंदगी कि यह समा या फ़िज़ा बदल ना जाए
अभी तो आई है मेरे दर पर ख़ुशी कही यह तेरी तेज़ रफ़्तार से डर ना जाए!! - रंजू
Wednesday, December 08, 2010
एक ख्वाइश
एक ख्वाइश
कि समेट लूँ
अपने
अँधेरे के
सब हिस्से
और गठरी में
बांध छोड आऊं
क्षितिज के पार
और ले आऊं
वहां से
एक लौ
रोशनी की
और तब तक रखूं उसको
मुस्कराहट की ओट में
जब तक वह
खिलखिलाती
हँसी में
तब्दील न हो जाए
आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है कल (9/12/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर अवगत कराइयेगा। http://charchamanch.blogspot.com
ek behtarennabhvyakti,ashawan ,aur prempurn hredaya...jo manav aur manav ke astitwa ki aur sabka dhayan aakarshit karta hai..!! ek behtareen ...rachana
28 टिप्पणियाँ:
अरे वो तो आपके होंठो के करीब कहीं दबी है आज़ाद कीजिये न .... nice
बहुत प्यारी सोच ....मन के करीब लगी यह रचना ..
ख्वाहिश हो तो ऐसी……………बहुत सु्न्दर्।
बेहतरीन अभिव्यक्ति ..... सार्थक और आशावादी सोच
खिलखिलाती हंसी में तब्दील न हो जाए ....बहुत ही सुन्दर कोमल भावनाओं का संगम ..लाजवाब ।
khoobsurat abhivyakti
आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (9/12/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com
बढ़िया ख्वाहिश ... भावपूर्ण अभिव्यक्ति...आभार
बड़ी नेक ख्वाहिस है जी.
सुन्दर अभिव्यक्ति
बहुत सुंदर ख्वाहिश जी...
आप रोहतक नही आई २६ नवम्बर को , जब कि सभी इंतजार कर रहे थे.
धन्यवाद
ख्वाहिश पूरी हो...और खुशियाँ हमेशा यूँ ही खिलखिलाती रहें.
.....सुन्दर भावाभिव्यक्ति .
बेहतरीन!
बहुत ही मीठा एहसास ... रोशनी की लो ऐसे ही जलती रहे खिलखिलती रहे ... खुशियाँ यूँ ही खिलखिलाती रहें ...
sunder... kash aapki kaamna puri ho!
bahut sunder
kabhi yaha bhi aaye
www.deepti09sharma.blogspot.com
बहुत ही मीठी ख्वाहिश..बहुत ही सुन्दर अहसास..बधाई
बहुत सुन्दर........ रंजना जी
ऐसा हो सके तो कितना अच्छा हो...लेकिन होना उतना ही मुशकिल.
सुंदर रचना.
बहुत ही बेहतरीन रचना...मेरा ब्लागःः"काव्य कल्पना" at http://satyamshivam95.blogspot.com/ आप आये और मेरा मार्गदर्शन करे....धन्यवाद।
जल्द पूरी हो आपकी ख्वाहिश, शुभकामनाएं और पूरी हो चुकी हो तो बधाइयां
अच्छी रचना लफ्जो का सुंदर उपयोग !
मेरे ब्लॉग में SMS की दुनिया .........
बहुत अच्छी ख्वाइश है यह आमीन ।
वाह..क्या सुन्दर खाया हैं...कोमल गुनगुनाती मन को छूती बहुत ही सुन्दर रचना..
"वहां से
एक लो
रोशनी की "
यहाँ कृपया सुधार लें..
लो नहीं "लौ"
बहुत खूब रंजना जी ! शुभकामनायें आपको !
बहुत प्यारी है यह ख्वाहिश।
---------
छुई-मुई सी नाज़ुक...
कुँवर बच्चों के बचपन को बचालो।
वाह,रंजू जी,
रोशनी को मुस्कराहट की ओट में रख कर खिलखिलाहट में बदलने वाला प्रयोग एकदम नया है !
मेरी शुभकामनाएं !
-ज्ञानचंद मर्मज्ञ
ek behtarennabhvyakti,ashawan ,aur prempurn hredaya...jo manav aur manav ke astitwa ki aur sabka dhayan aakarshit karta hai..!! ek behtareen ...rachana
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