जब करनी होती ख़ुद से बाते तो में कुछ लफ्ज़ यूँ दिल के कह लेती हूँ ....
ज़रा थम थम के रफ़्ता रफ़्ता चल ज़िंदगी कि यह समा या फ़िज़ा बदल ना जाए
अभी तो आई है मेरे दर पर ख़ुशी कही यह तेरी तेज़ रफ़्तार से डर ना जाए!! - रंजू
Monday, July 20, 2009
इंतजार-ए-बहार
भरी सावन की बदरी नैनों में .. चाहत में छिपा बंसत .. सर्द हैं आहें गर्म सी नरमी बाँहों में मौसम का हर रूप छिपा है यहीं इन नजरों में और इनको समझने को एक बार तो नजरों के रस्ते से तुम्हे गुजरना होगा !!
और इनको समझने को एक बार तो नजरों के रस्ते से तुम्हे गुजरना होगा !! waah saari kayanaat ki rumaniyat en nazaron mein ubhar ke aa gayi,bahut hi khubsurat ehsaas.
इस आह्वान को जो सिरोधार्य न करे.........वह या तो अभागा होगा या हृदयहीन.......क्या कमाल का लिखा है आपने.....शब्द और भावः माधुर्य मन को रस सिक्त कर लेती है.....
मैं देर से आयी हूँ टाब तक सभी ने बहुत कुछ कह दिया है इतने शब्द देख कर भी मैं निश्बद हूँ मगर मुझे लगता है कि अभी इस अभिव्यक्ति पर बहुत कुछ कहना बाक्र्र है जो मेरी मौन अभिव्यक्ति से आपके मन को छू लेगा बधाई इस लाजवाब अद्भुत रचना के लिये
49 टिप्पणियाँ:
खूबसूरत एहसास...
मौसम के इतने सारे उतार-चढ़ाव.. लाजवाब.
रंजना जी लाजवाब रचना है ये आपकी...सरल शब्दों में गहरी दिल की बात...वाह...ये कौशल आपही कर सकती हैं...
नीरज
वाह ! कुछ न कह कर भी सब कुछ कह दिया.
wah ji wah....
kya khoob likha hai ji...
kripya aise he likhte rahiyega...
please see my latest composition @ http://shayarichawla.blogspot.com/
मौसम का असर !!या दिल खुदगर्ज ?
वाह......... लाजवाब अभिव्यक्ति है .... सब कुछ नज़रें ही तो समझा देती हैं ............. मौसम के सब रंग इसी में मिलते हैं
bahut hi sundar rachana .....sawan ki ladi sabhi taraf lagi huee hai
बरसती रूमानियत और खूबसूरत ख्याल..........
शानदार !
"नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !"
बहुत खूब लिखा है. सुन्दर अभिव्यक्ति. आभार
क्या खूब कहा है आपने
इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
कम शह्दों में बड़ी बात।
बधाई।
बहुत सटीक .. सुंदर रचना !!
'इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!'
बहुत अच्छी लगीं ये पंक्तियाँ..
खूबसूरत अहसासों को चुन चुन कर पिरोया हो जैसे.
खूबसूरत एहसास...
khooboorat bhav aur sundar rachna.
वाह!! क्या बात है..एक बार नहीं..सौ बार गुजर जायेंगे. :) बस, समझ में आ जाये.
बहुत सुंदर रचना है। अंदर तक छू गई।
कितना खूबसूरत एहसास है? बहुत शुभकामनाएं.
रामराम.
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा ।
इतना सशक्त आह्वान --- गुजरना ही होगा
बहुत खूब
Ek baar to raste se guzarna hoga
wah bahut khoob
और इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
waah saari kayanaat ki rumaniyat en nazaron mein ubhar ke aa gayi,bahut hi khubsurat ehsaas.
खूबसूरत अहसास। बारिश नही आई पर शब्दों को पढकर आनंद आ गया।
स्नेहिल आकांक्षा ! बढियां कविता !
vallah...bahut khoob...
इन नजरों में
और इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!...
बहुत प्रभावित किया है इस रचना नें ,धन्यवाद.
बहुत ही दिलकश अंदाज़ में कही गई कविता रंजू जी। आपको बहुत बहुत बधाई इस रचना के लिए।
mausam ko jariya banaya aapne...... pasand aayi hamko to
' इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा'
- सुन्दर.
आपके सुन्दर अहसास भरे लफ़्जों का चार लाईनों में जबाब दे रहा हूं जो आपकी कविता पढ कर ही लिखी हैं
दिल के दरवाजे पे दस्तक
प्यार में खामोशियों की
वर्ना तो अब इस बंद गली में
कोई भी आता जाता नहीं.
Aapki ye rachna vyaktik ho kar bhi sam saamyik ho gayi hai. Badhayi.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
मौसम का हर रूप
छिपा है यहीं
इन नजरों में
और इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
खूबसूरत ।
माशूक ये निगाहें वाकई सारे मौसम देख लेती हैं...
रंजना जी,
खूबसूरत अहसासों से गुज़र गया
तेरे कलाम का नशा हद से गुज़र गया
नपे तुले शब्दों में भावनाओं का अंबार लगा देने के फ़न में आपका कोई सानी नही है।
सादर,
मुकेश कुमार तिवारी
ज़ज्बात में मौसम समेटे हुए आपकी कविता....
आँखों में सावन, बाँहों में तपिश..
हमारे मन ने बसंत का आनंद ले लिया...
इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
बहुत खूबसूरत रचना!!!!!
मौन की शशक्त भाषा को एक और उच्च स्तरीय सम्मानित अभिव्यक्ति.
बधाई.
इस आह्वान को जो सिरोधार्य न करे.........वह या तो अभागा होगा या हृदयहीन.......क्या कमाल का लिखा है आपने.....शब्द और भावः माधुर्य मन को रस सिक्त कर लेती है.....
बहुत बहुत सुन्दर .........
मैं देर से आयी हूँ टाब तक सभी ने बहुत कुछ कह दिया है इतने शब्द देख कर भी मैं निश्बद हूँ मगर मुझे लगता है कि अभी इस अभिव्यक्ति पर बहुत कुछ कहना बाक्र्र है जो मेरी मौन अभिव्यक्ति से आपके मन को छू लेगा बधाई इस लाजवाब अद्भुत रचना के लिये
अभिव्यक्ति की खूबसूरती यहाँ मिलेगी किसी को भी । आभार ।
मौसम का हर रूप
छिपा है यहीं
इन नजरों में
और इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
बहुत खूबसूरत रचन.बधाई.
मौसम का हर रूप
छिपा है यहीं
इन नजरों में
और इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
बहुत खूबसूरत रचन.बधाई.
मौसम का हर रूप
छिपा है यहीं
इन नजरों में
और इनको
समझने को
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
बहुत खूबसूरत रचन.बधाई.
bahut khoob jab tak aankhen khuli tab tak aas barkraar .isi liye nazron ke teer ........
jhallevichar.blogspot.com
angrezi-vichar.blogspot.com
jhalli-kalam-se
देर से पहुचा आपके ब्लॉग पर , अच्छा लगा कविता और उसका भावांश
एक बार तो
नजरों के रस्ते से
तुम्हे गुजरना होगा !!
vah kya bat hai
मौसम का हर .....
तुम्हे गुजरना होगा !!
मन के उपर एक कोमल स्पर्श है यह कविता.
another nice one.. !
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